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Translations:Sanat Kumara and Lady Master Venus/98/hi

From TSL Encyclopedia

ऐसा माना जाता है कि दीपांकर बुद्ध पृथ्वी पर एक लाख वर्ष तक रहे। उन्हें तीन हज़ार वर्ष लग गए एक ऐसा व्यक्ति ढूंढने में जो दिव्य सत्य को सुनने के योग्य हो। इसके बाद उन्होंने संसार को परिवर्तित करने का निश्चय किया। उन्होंने अपने दीपक से एक विशाल नगर निकाला और उसे स्थापित किया। जंबूद्वीप (भारत) के लोग इस चमत्कार को देख रहे थे, उन्होंने देखा कि चारों दीवारों से प्रखर लपटे निकल रहीं थीं। अत्यंत भयभीत हो अपने बचाव के लिए वे बुद्ध ओर ताकने लगे। तब इस जलते हुए शहर से निकल दीपांकर जंबूद्वीप में आये, सिंहासन पर बैठे और उन्होंने धर्म का उपदेश देना शुरू किया।[1]

  1. एलिस गेटी, द गॉड ऑफ़ नॉर्थेर्न बुद्धिज़्म (ऑक्सफोर्ड: द क्लेरेंडन प्रेस, १९१४), पृष्ठ १३-१४.