Translations:Mary, the mother of Jesus/35/hi
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पश्चिमी सभ्यता में भी मातृत्व के विकास पर ज़ोर दिया है। इसी उद्देश्य से माँ मेरी ने कई संतों को हेल मेरी (Hail Mary) और जपमाला (rosary) के माध्यम से मातृत्व को विकसित करने के लिए दर्शन दिए। संतों को उनके सिर के चारों ओर एक सफ़ेद रोशनी या प्रभामंडल के साथ चित्रित किया गया है क्योंकि उन्होंने कुंडलिनी (Kundalini) की ऊर्जा को ऊपर उठाया है और अपने सहस्रार चक्र को संतुलित किया है। उन्हें परमानन्द की अनुभूति हो चुकी है। महान ईसाई रहस्यवादी, जैसे सेंट जॉन ऑफ़ द क्रॉस, (Saint John of the Cross), सेंट थेरेसा ऑफ़ लिसीक्स (Saint Therese of Lisieux) और पाद्रे पियो (Padre Pio) सभी ने इस परमानन्द की अनुभूयति की है।