Translations:Gautama Buddha/27/hi
Appearance
धम्मपद (Dhammapada) में मारा के वो शब्द अंकित हैं जो उसने तब गौतम को कहे थे: “ दुबले, पीड़ित, बीमार व्यक्ति मौत तुम्हारे सामने खड़ी है। मौत के हज़ार हाथ हैं, तुम्हारे पास केवल दो हैं। भौतिक जीवन का आनंद लो। संघर्ष क्यों करते हो? संघर्ष कठिन है, हर समय संघर्ष करना कठिन है।”