Translations:Etheric retreat/14/hi
Appearance
इन आश्रय स्थलों से निकलने वाला प्रकाश चुंबकीय तरंगों की तरह पृथ्वी और आश्रय स्थलों के बीच बहता है। प्रकाश की इन तरंगों के परस्पर संपर्क से एक ब्रह्मांडीय स्वर की उत्त्पत्ति होती है जो कि महा आमीन, ओम्, या ॐ की ध्वनि की प्रतिध्वनि है, जिसे सिर्फ अपने आंतरिक कान से ही सुना जा सकता है। यह ब्रह्मांडीय मूल राग पृथ्वी, प्रकृति जगत और मानवजाति को सृष्टि के सबसे पवित्र शब्द, जिसका शाब्दिक अर्थ है "अहम्" (I AM) या "ईश्वर महा आमीन है" (God is the great Amen.) की ध्वनि में नहला देता है। इससे हमें यह ज्ञात होता है कि प्रत्येक व्यक्ति इस शब्द की ध्वनि के साथ एकमय हो सकता है।